सुपौल जिले में इस वर्ष मानसूनी बाढ़ ने कृषि क्षेत्र को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बाढ़ के कारण हजारों हेक्टेयर में लगी धान, मक्का और अन्य फसलें जलमग्न हो गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए जिला कृषि विभाग ने प्रभावित पंचायतों में फसल नुकसान के आकलन के लिए व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू किया है। विभागीय अधिकारियों की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों के खेतों का निरीक्षण कर रही हैं और नुकसान का डिजिटल डेटा एकत्र कर रही हैं।
जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रभावित किसानों को सरकारी मुआवजा और राहत राशि शीघ्र उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित पंचायतों में कृषि समन्वयकों और प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों की टीमें तैनात की गई हैं, जो फसल क्षति का आकलन कर रही हैं। सर्वे के दौरान फसल के प्रकार, प्रभावित रकबा और नुकसान की प्रतिशतता का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।
किसानों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या प्रखंड मुख्यालय में निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन जमा करें। आवेदन के साथ आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज और बैंक पासबुक की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की अंतिम तिथि निकट भविष्य में घोषित की जाएगी, इसलिए किसान बिना देरी किए अपने आवेदन जमा करें। साथ ही, आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर किसान कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ने चिंता जताई है कि सर्वे में देरी होने से राहत समय पर नहीं मिल पाएगी। किसान संगठनों ने मांग की है कि सर्वेक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया जाए ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नुकसान का आकलन करते समय स्थानीय स्तर पर गठित समितियों को शामिल किया जाए।
कृषि विभाग के अनुसार, सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर राहत राशि वितरित की जाएगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सर्वे टीमों को सहयोग दें और सही जानकारी प्रदान करें। इस बीच, जिला प्रशासन ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण जारी रखा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल नुकसान से संबंधित कोई भी फोटो या वीडियो साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखें, जिससे आवेदन के समय सहायता मिल सके।